नाथूराम गोडसे के मृत्युदिवस को बलिदान दिवस के तौर पर मनाने की आलोचना के अगले ही दिन अखिल भारतीय हिन्दू महासभा ने आरएसएस पर बड़ा हमला बोला। हिन्दू महासभा ने नाथूराम गोडसे के मृत्युदिवस को बलिदान दिवस के तौर पर मनाने की आलोचना के अगले ही दिन अखिल भारतीय हिन्दू महासभा ने आरएसएस पर बड़ा हमला बोला।
हिन्दू महासभा ने संघ को देश और हिंदुओ का सबसे बड़ा धोखेबाज बताया। हिन्दू महासभा के वाइस प्रेजिडेंट अशोक शर्मा ने कहा, 'आरएसएस ने न सिर्फ देश के साथ धोखा किया है बल्कि हिंदुओं के साथ भी उन्होंने विश्वासघात किया है।' कम ही लोग इस बारे में जानते हैं कि हिंदू महासभा ही एक तरह से संघ की जन्मदात्री संस्था है। 1948 में गांधी की हत्या के बाद आरएसएस ने महासभा से सभी संबंध खत्म कर नेहरू का साथ दिया था। संघ की कोशिश उस समय हिंदू महासभा से खुद को अलग दिखाने की थी। आरएसएस की कोशिश देशवासियों को यह यकीन दिलाने की थी कि महात्मा गांधी की हत्या में संघ की कोई भूमिका नहीं है। रविवार को आरएसएस विचारक एमएस वैद्य ने नागपुर में कहा था कि मुझे नहीं पता यह कौन सी संस्था है, जिसने नाथूराम गोडसे की मृत्यु दिवस को बलिदानी दिवस के तौर पर मना रहे हैं। गोडसे एक हत्यारा था। शर्मा ने इसकी प्रतिक्रिया में कहा, 'हमें भगवा संगठन के तौर पर जाना जाता है, यह देखना दुखद है। मैं सबको यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि हमारा बीजेपी या आरएसएस से कोई लेना-देना नहीं है।' अखिल भारतीय हिंदू महासभा के वाइस प्रेजिडेंट अशोक शर्मा ने कहा कि हमें पिछले कुछ दिनों से हिंदुस्तान रिपब्लिक असोसिएशन नाम की संस्था की तरफ से धमकी भरे मेसेज मिल रहे हैं। नाथूराम गोडसे पर आधारित वेबसाइस लॉन्च करने के दो दिन बाद से ही हमें धमकियां मिल रही हैं। मेसेज में हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं को मारने और हमारे ऑफिस को नष्ट करने की धमकी दी जा रही है। इससे संबंधित शिकायत भी हमने पुलिस से की है। Shared from Google Keep। हिन्दू महासभा के वाइस प्रेजिडेंट अशोक शर्मा ने कहा, 'आरएसएस ने न सिर्फ देश के साथ धोखा किया है बल्कि हिंदुओं के साथ भी उन्होंने विश्वासघात किया है।' बहुत कम ही लोग इस बारे में जानते होंगे कि हिंदू महासभा ही एक तरह से संघ की जन्मदात्री संस्था है। 1948 में गांधी की हत्या के बाद आरएसएस ने महासभा से सभी संबंध खत्म कर नेहरू का साथ दिया था। संघ की कोशिश उस समय हिंदू महासभा से खुद को अलग दिखाने की थी। आरएसएस की कोशिश देशवासियों को यह यकीन दिलाने की थी कि महात्मा गांधी की हत्या में संघ की कोई भूमिका नहीं है। रविवार को आरएसएस विचारक एमएस वैद्य ने नागपुर में कहा था कि मुझे नहीं पता यह कौन सी संस्था है, जिसने नाथूराम गोडसे की मृत्यु दिवस को बलिदानी दिवस के तौर पर मना रहे हैं। गोडसे एक हत्यारा था। शर्मा ने इसकी प्रतिक्रिया में कहा, 'हमें भगवा संगठन के तौर पर जाना जाता है, यह देखना दुखद है। मैं सबको यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि हमारा बीजेपी या आरएसएस से कोई लेना-देना नहीं है।' अखिल भारतीय हिंदू महासभा के वाइस प्रेजिडेंट अशोक शर्मा ने कहा कि हमें पिछले कुछ दिनों से हिंदुस्तान रिपब्लिक असोसिएशन नाम की संस्था की तरफ से धमकी भरे मेसेज मिल रहे हैं। नाथूराम गोडसे पर आधारित वेबसाइस लॉन्च करने के दो दिन बाद से ही हमें धमकियां मिल रही हैं। मेसेज में हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं को मारने और हमारे ऑफिस को नष्ट करने की धमकी दी जा रही है। इससे संबंधित शिकायत भी हमने पुलिस से की है।
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