गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स यानी वस्तु एवं सेवा कर को 1947 के बाद सबसे बड़ा कर सुधार (टैक्स रिफॉर्म) माना जा रहा है। भारत में वर्ष 2006-07 के आम बजट में पहली बार इसका जिक्र किया गया था।
यह बिल 6 मई 2015 को लोकसभा में पास हो गया, जहां इसे 37 के मुकाबले 352 मतों से पारित कर दिया। जीएसटी को एक अप्रैल 2016 से लागू करने का प्रस्ताव है।
राज्यसभा में मुश्किल : राज्यसभा में सरकार के लिए जीएसटी पास कराना आसान नहीं होगा क्योंकि सरकार के पास उच्च सदन में पर्याप्त संख्या नहीं है। वहां सरकार को विरोधी कांग्रेस के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। हालांकि अब उम्मीद जताई जा रही है कि मानसून सत्र में यह महत्वाकांक्षी बिल पारित हो सकता है। इसकी सबसे अहम वजह यह है कि ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और जयललिता की पार्टी एआईएडीएमके राज्यसभा में इस बिल के समर्थन में वोट कर सकती हैं।
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