• 01:51:00
  • Winsome World
नई दिल्ली (27 नवंबर) : सऊदी अरब में एक ही दिन में कई लोगों को मौत की सज़ा देने से जुड़ी ख़बरो पर एमनेस्टी इंटरनेशनल ने चिंता जताई है।
    बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक अखबार ओकाज़ में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकवाद या उग्रवाद से जुड़े अपराधों के लिए 55 लोग मौत की सज़ा के इतंज़ार में हैं।



     दूसरी तरफ अल रियाद की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि 52 लोगों को जल्दी ही मौत की सज़ा दी जाएगी। लेकिन बाद में अखबार ने इस रिपोर्ट को हटा लिया।
     माना जा रहा है कि मौत की सज़ा जिन्हें दी जा सकती है उनमें शिया समुदाय के वे लोग शामिल हैं जिन्होंने सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था।
       एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि इस साल जिस तरह सऊदी अरब में मौत की सज़ा देने में इज़ाफ़ा हुआ है, उसे देखते हुए ये ख़बर विचलित करने वाली है।
      एमनेस्टी इंटरनेशनल का मानना है कि इस साल सऊदी अरब में अब तक 151 लोगों को मृत्युदंड दिया जा चुका है। ये साल 1995 के बाद से से सबसे बड़ी संख्या है। साल 2014 में 90 लोगों को मौत की सज़ा दिए जाने की जानकारी मिली थी।
      अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले दिनों में जिन्हें मौत की सज़ा दी जानी हैं उनमें 'अल कायदा के चरमपंथी' और अवामिया इलाके के लोग शामिल हैं। अवामिया क़तीफ क्षेत्र का एक शहर है। साल 2011 से ये सऊदी अरब के शिया अल्पसंख्यकों के विरोध का केंद्र रहा है। एमनेस्टी के मुताबिक जिन लोगों को जल्दी ही मौत की सज़ा दी जानी है, उनमें अवामिया के छह शिया कार्यकर्ता शामिल हैं।
      वहीं सऊदी अरब का कहना है कि देश में मौत की सज़ा शरिया के मुताबिक दी जाती रही है। साथ ही सुनवाई निष्पक्ष मानदंडों के मुताबिक होती है।



हमारे द्वारा दी जाने वाली खबरों को लगातार प्राप्त करने के लिए हमें Join करें। 
Click Here And Follow Us 


अगर ये खबर अच्छी लगी तो इसे अनपे मित्रो को जरूर शेयर करे इसके लिए ऊपर दायीं तरफ Share का बटन दिया गया है। धन्यवाद ! 

Download Our App

Most Popular News

Total Visitors